जबर मारे रोउन न देय। / जब लाद लई तौ लाज काय की।

Example 1:

जब बेशरमी ही लाद ली तो फिर शरम किस बात की।

Example 2:

जब ओढ़ लीनी लोई तो क्या करेगा कोई।