धीरे धीरे रे मना, धीरें सब कुछ होय। माली सींचे सौ घड़ा, रितु आयें फल होय।। धीरो काम साहब को।

Example 1:

ईश्वर किसी काम में उतावली नहीं करता। वह जो कुछ करता है, सोच-समझ कर ही करता है।