बिलइया अपनो एक दाव तोऊ छिना राखत।
Example 1:
बिल्ली अपना एक दाँव फिर भी छिपा रखती है। होशियार आदमी अपना सब हुनर दूसरों को नहीं बताता।
Example 2:
एक बार एक शेर ने बिल्ली के पास जाकर कहा कि मौसी तुम्हें तो शिकार के बहुत से दाव-पेंच आते हैं। कुछ हमें भी सिखाओ। अपना चेला बना लो। बिल्ली इस पर राजी हो गयी। शिकार के जितने हुनर थे शेर को सिखा दिये। इसके बाद क्या हुआ कि एक दिन शेर की नीयत बिगड़ गयी और अचानक बिल्ली पर हमला कर दिया। बिल्ली तुरंत उछल कर पेड़ पर चढ़ गयी और शेर देखता ही रह गया। बोला, मौसी तुमतो कहती थीं कि हमने तुम्हें सब हुनर सिखा दिये। अब बताओ, पेड़ पर कैसे चढूं ? यह विद्यातो तुमने सिखायी नहीं। बिल्ली ने उत्तर दिया, भैया, तुम्हें सब कुछ सिखा देती तो आज तुम्हारे हाथों अपने प्राण न खो बैठती !