मँड़वा बाँदवे सब आऊत, छोरबे कोऊ नईं आऊत।

Example 1:

मंडप बाँधने सब आते हैं, छोरने कोई नहीं आता। बने काम में सब साथ देते हैं।

Example 2:

(विवाह के अवसर पर मंडप तैयार करने के लिए बिरादरी के पंच बुलाये जाते हैं और उस दिन उनको भोजन भी कराया जाता है।)