म्याऊँ कौ ठौर को पकरै ?
Example 1:
असली कठिन काम कौन करे ?
Example 2:
इस पर कथा है कि एक बार सब चूहों ने मिल कर परामर्श किया कि बिल्ली हमें मौका पाते ही खा जाती है। अतः उसके गले में एक घंटा बांध दिया जाय तौ उसके आने पर घंटे की आवाज सुन कर हम लोग भाग जाया करेंगे। बात सबको बहुत पसंद आयी। किसी ने कहा- हम बिल्ली की पूँछ पकड़ेंगें। किसी ने कहा- हम टाँग पकड़ेंगे। इस तरह सब अपनी-अपनी वीरता बखान करने लगे। तब एक बूढ़े चूहे ने कहा कि यह तो सब ठीक। परन्तु म्याऊँ का ठौर यानी गर्दन कौन पकड़ेगा ? यह सुन कर सब चूहे डर के मारे भाग गये।