रिन की अगाई, ब्‍याव की पछाई।

Example 1:

ऋण की अगाड़ी, विवाह की पिछाड़ी, दोनों कष्टदायक होती है। ऋण लेकर बाद में ब्‍याज समेत चुकाना पड़ता है और विवाह में, उसका सब प्रबंध पहले से ही करना पड़ता है। बाद में छुट्टी मिल जाती है।