रेवन ककवारे1 की कुतिया।

Example 1:

ऐसा आदमी जो बहुत दौड़धूप करने पर भी काम में सफल न हो। न इधर का न उधर का।

Example 2:

रेवन ककवारा1 ये दो गाँव झाँसी जिले में मऊ से गुरसराय जाने वाली सड़क पर पास ही पास हैं। कहानी है कि एक बार इन दोनों गाँवों में पंगत हुई। वहाँ एक कुतिया थी। उसने सोचा कि दोनों जगह का जूठन खाना चाहिए। पहिले रेवन गयी। जाकर देखा कि लोग अब भी भोजन कर रहे हैं। वहाँ विलम्ब देख कर विचार किया कि तब तक कफवारे में जाकर खा आऊँ। परन्तु वहां भी यही हाल देखा तो फिर रेवन वापिस आयी। वहाँ जाकर देखती क्या है कि लोग खाकर चले गये हैं और जूठन भी भंगी उठा ले गये। यह देख कर बहुत घबरायी और उलटे पैरों ककवारे को भागी। परन्तु वहाँ भी पंगत उठ गयी थी और जूठन का कहीं नाम नहीं था। इससे वह बड़ी निराश हुई और भूल के मारे दोनों गाँव के बीच में आकर मर गयी।