ऊदल ब्याहन को ना रहें, बातें कैबे कों रै जैहें।
Example 1:
अर्थात किसी एक व्यक्ति विशेष के बिना काम अटका नहीं रहेगा, परन्तु बात कहने को रह जायगी कि अवसर पर साथ नहीं दिया।
Example 2:
प्रसिद्ध वीर-काव्य आल्हा में ऊदल के विवाह के लिए आल्हा जब नरवर की लड़ाई पर जाने से इन्कार कर देता है तब मलखान का कथन- मोहरा मरिहें हम नरपति को औ ऊदन कों लेहें ब्याय। ऊदन ब्याहन कों रहिहें ना यहु दिन कहिवे कों रह जाय।।