चाव घटे नित के घर जायँ, भाव घटे कछ मुख से माँगें, / रोग घटे कछु औषध खायें, ज्ञान घटे कुसंगत पायें। / चाहत की चाकरी कीजे। अनचाहत

Example 1:

जो प्रेम से रखे उसी की नौकरी करनी चाहिए।