दरबाजा

सामग्री : बेसन 250 ग्राम, तेल 1 बड़ा चम्मच, अजवाइन 1 चाय चम्मच, नमक स्वादानुसार।

विधि : सबसे पहले बेसन में मोयन मिलायेंगे और अजवाइन व नमक  मिलाकर गूंथ लेंना है। इसके बाद उसकी लोइया बनाकर रख लो। अब एक लोई को लेकर गोल रोटी से बड़ी व मोटी बेल लेना है। फिर उसके बीचों बीच दरवाजो के आकार का काट लेना है। जो भाग कटा हुआ निकलता है उसको भी रख लेना है। उस गोली रोटी के किनारे में काटकर व गोंठकर सजावट कर लो। एक बड़ी चम्मच मैदा को गूंथ लेना है। सजावट के लिए, उस  गुंथी हुई मैदा की पतली सेब की तरह बनाकर दरवाजे के चारों और सजाओ तथा पूरे में छोटी – छोटी बिंदी चिपका दो। इसके बाद तेल में सेंक लो।

लप्सी

सामग्री : सिंघाड़े का आटा 250 ग्राम, शक्कर या गुड़ 150 ग्राम, शुद्ध घी 50 ग्राम। 

विधि : सबसे पहले कढ़ाई में घी डालकर सीघाड़े के आटे को भुंजना है इसको तब तक भुंजान है जब तक उस आटे से खुशबू न आने लगे। इसके बाद उस आटे को पानी में थोड़ा पतला कर लें। ज्यादा पतला नहीं करना है। इसके बाद उसमें बाद उसमें शक्कर डालकर खोला लें। जब गाढ़ी हो जाये तो उसे उतार ले। और थाली में डाल दें। जब तक जम न जाये इसके बाद उसको चाकू से पीस के पीस काट लें।

लप्सी-I

सामग्री : सिगड़े का आटा 100 ग्राम, गुड़/शक्कर 150 ग्राम

विधि : कड़ाही में थोड़ा सा घी डालकर धीमी आंच पर आटे को भून लें आटा निकालकर उसी कड़ाही में गुड़/शक्कर पिघल जाये तो आटे को घोलकर डाल दें और गाढ़ा होने तक पकाने दें और गाढ़ा होने तक पकाने दें गरमा – गरम लप्सी तैयार है।

लोल कुचइया

सामग्री : मैदा 1 किलो घी 600 ग्राम शक्कर 500 ग्राम काजू 50 ग्राम चिरौंजी 50 ग्राम गरी 50 ग्राम 500 मिली‌‌ लीटर

विधि : सर्वप्रथम मैदा में घी का मोयन लगाते हैं शक्कर को दूध में घोलकर इस गोल से आटा गूंथ लेते हैं।उसमें काजू, चिरौंजीगरी, गरी आदि डाल देते हैं। बेलन की सहायता से मोटी पूड़ी के आकार का बेल लेते हैं। कदही में धीमी आंच में 15 मिनट तक सकते हैं।

नमकीन खुरमा

सामग्री : गेहूं का आटा 1 किलो, तेल, बेसन 200 ग्राम, अजवायन, नमक स्वादानुसार

विधि : गेहूं के आटा में मोयन लगाकर उसमें बेसन अजवायन व नमक डालकर कड़ा गूंथे और चकला व बेलन की सहायता से मोटी पूड़ी के आकार में बेल लें बाद में चाकू की सहायता से चौकोर छोटे छोटे टुकड़े काट लें और तेल में सेंके।

डुबरी

सामग्री : महुआ 100 ग्राम, सेवइयां 50 ग्राम, काजू 20 ग्राम किशमिश 20 ग्राम गढ़ी बुरादा 30 ग्राम चिरौंजी 15 ग्राम

विधि : महुआ को धोकर पानी में उबालने के लिए रख दे, जब महुआ उबल जायें तो चम्मच से घोट दें या मथानी से मथ दें उसमें सिमइया, काजू, किसमिस गरी बुरादा, चिरौंजी वगैरह मिला दें डुबरी तैयार है।

खुरमी

सामग्री : ज्वार का आता 200 ग्राम हरी मिर्च हरी धनिया शुद्ध घी नमक स्वादानुसार जीरा

विधि : कड़ाई में थोड़ा सा घी डालकर, जीरे से छौंक लें मिर्च काटकर डालें,  फिर पानी डालें। जब पानी उबलने लगे तो ज्वार  का आटा डालें, परंतु उनमें गुठली न पड़ने पाये जब यह हलुआ जैसा हो जाए तो उसमें हरी धनिया काट कर डालें और शुद्ध घी से पिघला कर डालें। सर्दियों में गर्मा- गर्म खीच का लुफ्त उठाएं।

बटौनीय ( करारी कढ़ी )

सामग्री : मूंग की दाल, मठा, हरी मिर्च, हींग, मैथी, धनिया, लाल मिर्च, हल्दी, तेल नमक स्वादानुसार

विधि : मूंग की दाल को रात में भिगो दें सुबह पीसकर आधी दाल में हरी मिर्च और नमक डालकर कड़ाही मे तेल डालकर पकौड़ी बना लें। शेष आधी दाल को मठा में घोल लें उसमें नमक धनिया, मिर्च व हल्दी डाल लें । कड़ाही में थोड़ा सा तेल डालकर उसमे हींग और मैथी से घोल को छौंक दें और उसे लगातार हिलाते रहें आंच में उतारने से पूर्ण तैयार को हुई मूंग की दाल की पकौड़ी डाले। करारी कढ़ी तैयार है।

इंदरसे

सामग्री : चावल 500 ग्राम, शक्कर 250 ग्राम, पुस्तादाना 100 ग्राम, घी 500 ग्राम तलने के लिय।

विधि : चावल पानी में दो दिन पहले फूलने के लिए डाल दें इसके पश्चात चावल पीसकर उसमें एक पाव शक्कर पीसकर मिला दें दूध में सानकर कम से कम छः घंटे के लिए रख दें इसके बाद मसलकर छोटी-छोटी टिकिया बना लें पुस्तादाना लगाकर घी में इस प्रकार तले की कड़ाही में पलट न पावें घी को ऊपर उछलकर सेंके। इसके पश्चात ठंडा कर लें। इंदरसे तैयार है।

भंगरी

सामग्री : कुदाई, तिली, नमक, किसमिश, गरी, काजू, मखाने, चिरौजी, बादाम।

विधि : कुदाई को फटककर गरमपानी में डाला फिर चावलों की तरह पकने पर माड़ अलग निकाल दिया। तिली को भूनकर इसमें डाला फिर आवश्यकतानुसार पानी और नमक मिलाकर अच्छी तरह से चम्मच से चलाते रहे फिर किसमिस गरी, काजू, मखाने, बादाम, चिरौजी आदि से सजायें। भगरी तैयार है।

गनगौरा

सामग्री : आटा 250 ग्राम, सूजी 25 ग्राम, वनस्पति घी 25 ग्राम ( मोयन के लिए ), गुण

विधि : सबसे पहले आटा में मोयन मिलायेंगे। इसके बाद गुड़ या शक्कर का घोल बनायेंगे। इसके बाद आटा में मेवा डालकर गूंथ लेंगे। जब आटा गुथकर तैयार हो जाये तो उस आटे की 7 लोई बराबर बराबर बना लें। फिर क्रम से 1-1 कर उस लोई को पूड़ी की तरह गोल बना लें तथा किनारे पर उसको गोंठ ( डिजाइन ) लें। इस प्रकार आपकी आसें तैयार हो जायेंगी। इसके बाद इसको वनस्पति घी में सेंक लेना है।