बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

भूमिका एवं पोषण

बुंदेली व्यंजन की अपरिहार्य कृति

पृथ्वी का एक नाम 'रसा' है । पृथ्वी में ही समस्त रस-संसार समाहित है मिट्टी रसों की रासायनिक प्रयोगशाला की आधारभूत भूमिका प्रस्तुत करती है मिट्टी का वैभिन्नय ही रस-प्रकारों…

personश्यामसुंदर दुबे visibility5

बुन्देली व्यंजन की ऐतिहासिकता और वैज्ञानिकता

लेखिका की कलम से.. बुन्देलखण्ड संस्कृति, संस्कार, रीतिरिवाज, लोक बोली भाषा, लोकाभूषण, लोक वस्त्राभरण, वीर सपूतों का समृद्ध जनपदीय क्षेत्र है । किसी भी देश प्रान्त नगर, गाँव की लोक…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility4

विटामिन एवं खनिज लवण आपूर्ति

हरी पत्तेदार सब्जियाँ - बुन्देलखण्ड में हरी पत्तेदार सब्जियों का उत्पादन अपार है जिनमें समस्त खनिज लवण एवं विटामिन्स पाये जाते हैं। पालक, मैथी, चौंरई (चौलाई भाजी) बथुआ, बरेंजो की…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility6

अन्य पदार्थों का संरक्षण

आदिकाल से ही मानव में भोजन का प्रमुख स्थान रहा है, किन्तु जैसे-जैसे मनुष्य का जीवन बेहतर होता गया मानव ने भोजन को भविष्य में कठिन समय के लिए सुरक्षित…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility4

बुन्देलखण्ड में खाद्य संरक्षण का उद्देश्य

बुन्देलखण्ड में भी विभिन्न क्षेत्रों के अनुरूप खाद्य संरक्षण के महत्व को बढ़ावा दिया गया और आज के समय में खाद्य संरक्षण का प्रमुख उद्देश्य हैं पौष्टिक तत्वों को जीवंत…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility4

भोज्य पदार्थों के दूषित होने के कारण

हमेशा देखने में यह आता है कि ताजे, फल तथा सब्जियाँ पकाने की एक निश्चित अवधि के बाद सड़ने व सूखने लगती है, उनके रंग, रूप, स्वाद तथा आकार में…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility5

सन्तुलित आहार : सामान्य परिचय

पोषण (Nutrition) मानव जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है । हम जो आहार लेते हैं उसका शरीर में पाचन किया जाता है। पाचन के परिणाम स्वरूप प्राप्त होने वाले तत्व शरीर…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility5

सन्तुलित आहार की परिभाषा

सन्तुलित भोजन वह भोजन है जो मनुष्य की पोषण सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूर्ण करता है । भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के अनुसार - "सन्तुलित आहार वह आहार है, जो शरीर…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility5

सन्तुलित आहार का महत्व

प्रत्येक व्यक्ति की कार्यशैली एवं कार्य भिन्न भिन्न होते हैं एवं भिन्न भिन्न कार्यों के अनुसार उसके भोजन की आवश्यकता भी भिन्न-भिन्न होती है । अतः प्रत्येक व्यक्ति को ऐसा…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility6

सन्तुलित भोजन तथा पर्याप्त भोजन

भोजन ग्रहण करने की मुख्य तीन श्रेणियाँ हैं - 1. अपर्याप्त भोजन - वह भोजन है जिसमें पोषक तत्वों तथा शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति का तो प्रश्न ही नहीं उठता,…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility5

सन्तुलित भोजन को प्रभावित करने वाले कारक

हम जानते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को भोजन की आवश्यकता होती है, किन्तु एक व्यक्ति के लिए जो सन्तुलित आहार है, वह दूसरे के लिए भी सन्तुलित हो, यह आवश्यक…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility4

पोषक तत्वों की निर्धारित दैनिक आवश्यकता

मानव शरीर में होने वाली ऐच्छिक अनैच्छिक क्रियाओं के लिए वांछित ऊर्जा की पूर्ति भोजन द्वारा होती है विभिन्न भोज्य पदार्थों में उपलब्ध प्रोटीन, वसा, कर्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा प्रदान…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility5

औसत व्यक्ति के लिए सन्तुलित आहार

भोजन के तत्व वजन तत्व प्राप्ति के माध्यम प्रोटीन तत्व 73 ग्राम एक बार मांस, मछली या अण्डे के माध्यम से, दूसरी बार द्विदल धान्य के रूप में । कार्बोज…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility6

I.C.M.R. के अनुसार मनुष्य की विभिन्न अवस्थाओं में कैलोरी की आवश्यकता

लिंग श्रम के अनुसार विभाजन कैलोरी (Kcal/day) पुरूष - 1. साधारण परिश्रम करने वाले 2. मध्यम परिश्रम करने वाले 3. अत्यधिक परिश्रम करने वाले 2400 2800 2900 स्त्री - 1.…

personडॉ. प्रेमलता नीलम visibility5