जीवन परिचय – लगता है कवि श्री मदन मानव ने प्रेम में चोटें खाई हैं। आहत मानव की समर्थ रचनात्मकता ने चोटों को नासूर नहीं बनने दिया वरन् उसे एक सुन्दर सुगन्धित सुमन बना दिया है जिसकी महत्वाकांक्षा सारे वातावरण में छा जाने की नहीं, वरन् जन साधारण के कल्याण के लिये फैलने व बिखरने की है। ‘मानव’ का ‘कवि’ कविता के लिए नहीं बल्कि उसकी कविता मानव के लिए है।
अँधेरा चीर डालने वाले प्रभाकर दिनकर के काम से अपने काम की तुलना करने वाले श्री ‘मानव’ इसीलिए सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में भी अग्रणी हैं। झाँसी नगर पालिका के पूर्व निर्वाचन में सर्वाधिक मतों से विजय श्री प्राप्त करने वाले श्री ‘मानव’ की आज भी अपनी पृथक् राजनीतिक पहिचान है। सम्प्रति श्री ‘मानव’ अनेक मजदूर संगठनों को दिशा नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। यह क्रान्तिकारी ओजस्वी कवि समाज एवं राजनीति के क्षेत्र में भी क्रान्तिकारी भूमिका से उत्पीड़ित मानव समाज का कल्याण करे, हमारी हार्दिक मंगल कामना है।
उल्लेखनीय है कि कवि श्री ‘मदन मानव’ ने कवि परिचय का विवरण माँगने पर एक कविता ही लिख दी है जो न केवल उनका ही परिचय है, बल्कि प्रत्येक कवि का परिचय बन पड़ा है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि श्री मानव व्यक्ति के नहीं वरन समाज के साधक आराधक हैं। “कवि-परिचय” की इस कविता का रसास्वादन लें।
आपने बुन्देली कहावतों का भाषा वैज्ञानिक एवं समाजशास्त्रीय अनुशीलन कर मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के सेवासदन महाविद्यालय बुरहानपुर मप्र में विभागाध्यक्ष के रुप में पदस्थ रहे।
बुन्देली धरती के सपूत डॉ वीरेन्द्र कुमार निर्झर जी मूलतः महोबा के निवासी हैं। आपने बुन्देली कहावतों का भाषा वैज्ञानिक एवं समाजशास्त्रीय अनुशीलन कर मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के सेवासदन महाविद्यालय बुरहानपुर मप्र में विभागाध्यक्ष के रुप में पदस्थ रहे। अखिल भारतीय साहित्य परिषद मालवा प्रांत, हिन्दी मंच,मध्यप्रदेश लेखक संघ जिला बुरहानपुर इकाई जैसी अनेक संस्थाओं के अध्यक्ष रहे। आपके नवगीत संग्रह -ओठों पर लगे पहले, सपने हाशियों पर,विप्लव के पल -काव्यसंग्रह, संघर्षों की धूप,ठमक रही चौपाल -दोहा संग्रह, वार्ता के वातायन वार्ता संकलन सहित अनेक पुस्तकों का सम्पादन कार्य किया है। आकाशवाणी के विभिन्न केन्द्रों से कहानी, कविता,रूपक, वार्ताएं प्रसारित हुई। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में शताधिक लेख प्रकाशित हैं। अनेक मंचों से, संस्थाओं से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया है। वर्तमान में डॉ जाकिर हुसैन ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट बुरहानपुर में निदेशक के रूप में सेवायें दे रहे हैं।
डॉ. उषा मिश्र
सेवा निवृत वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी केमिस्ट्री और टॉक्सिकोलॉजी गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन।
नाम – डा. उषा मिश्रा पिता – डा.आर.सी अवस्थी पति – स्व. अशोक मिश्रा वर्तमान / स्थाई पता – 21, कैंट, कैंट पोस्ट ऑफिस के सामने, माल रोड, सागर, मध्य प्रदेश मो.न. – 9827368244 ई मेल – usha.mishra.1953@gmail.com व्यवसाय – सेवा निवृत वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी ( केमिस्ट्री और टॉक्सिकोलॉजी ) गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन। शैक्षणिक योग्यता – एम. एससी , पीएच. डी. शासकीय सेवा में रहते हुए राष्ट्रीय – अंतराष्ट्रीय कान्फ्रेंस में शोध पत्र की प्रस्तुति , मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर, गृह विभाग द्वारा आयोजित वर्क शॉप, सेमिनार और गोष्ठीयों में सार्थक उपस्थिति , पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज सागर में आई. पी. एस., डी. एस. पी. एवं अन्य प्रशिक्षणु को विषय सम्बन्धी व्याख्यान दिए।
सेवा निवृति उपरांत कविता एवं लेखन कार्य में उन्मुख, जो कई पत्रिकाओं में प्रकाशित। भारतीय शिक्षा मंडल महाकौशल प्रान्त से जुड़कर यथा संभव सामजिक चेतना जागरण कार्य हेतु प्रयास रत।