बुन्देलखण्डरत्न डॉ जयकुमार जलज जी
November 5, 2024ईसा पूर्व की जल संरचनाएँ
January 25, 2025
बुन्देलखण्ड क्षेत्र वृहद और विशिष्ट है । विश्वकोश हेतु सामग्री जुटाने संजोने, प्रकाशन में समय भी लगेगा।अधिकांश अथाह सामग्री पत्र पत्रिकाओं में , पुस्तकों में खोजनी है। सभी से पत्र पत्रिकाओं , पुस्तकों को संकलित करने की अपील करते हैं। बुन्देलखण्ड विश्वकोश को सर्वप्रथम वेवसाईट एवं वेवपोर्टल पर संकलित किया जायेगा।इसके बाद समाजपोषी व्यवस्था के अंतर्गत प्रकाशन किया जायेगा जिसके कुल 40 बोल्यूम होंगे।प्रारंभ के दो बोल्यूम अनुक्रमणिका के रूप में रहेंगे।
प्रोपीडिया – जिसमें आउटलाइन आफ नालेज का वर्णन, सिर्फ सूची। फिर छः बोल्यूम में अनुक्रमणिका के विषयों का संक्षिप्त विवरण।एक बोल्यूम में पांच समितियों का संक्षेप में वर्णन। अर्थात् माइक्रोपीडिया– सूची के अनुसार विषय का संक्षिप्त विवरण।इसके बाद तीस समितियों के तीस बोल्यूम होंगे।मैक्रोपीडिया–सूची के अनुसार जिसमें विषय का विस्तृत वर्णन , इसमें जितनी जानकारी सम्भव हो सके। दो बोल्यूम बुंदेलखंड की धरोहरों, ज्ञान की शाखाओं के प्रतिष्ठित विद्वानों (biography) के नाम , स्थान परिचय सहित व उनके अवदान का विवरण भी प्रकाशित होगा। जिन्होंने प्रारंभ से लेकर अभी तक अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है।
बुन्देलखण्ड समग्र विश्वकोश योजना हेतु बहुत से ऐसे विषय हैं जिन्हें आप सबके सहयोग से सम्मिलित कर यथा स्थान रखे जायेंगे।हम सभी इस उद्देश्य की पूर्ति तभी कर सकते हैं जब इस कार्य में सागर, दमोह,बांदा, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, टीकमगढ़, हमीरपुर,उरई, जालौन, दतिया, पन्ना, अजयगढ़, चरखारी, महोबा,विजावर, झांसी ओरछा, छतरपुर, कालपी, ललितपुर तालवेहट नरसिंहपुर, रीवा , निवाड़ी आदि स्थानों के विद्वान साहित्यकारों साधनसम्पन्न साहित्य प्रेमियों का सहयोग हमें प्राप्त हो।इस शुभ अनुष्ठान की पूर्ति हेतु हम सभी मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश के अधिपतियों की सहायता के अभिलाषी हैं।बुन्देलखण्ड विश्वकोश का कार्य काफी श्रमसाध्य है फिर भी हम एक विशेष आशा और विश्वास के साथ पितृपुरुषों के काम को आगे बढ़ा रहे हैं।
शुभ संकल्प में सहयोग की आकांक्षी टीम