खंड-5 बुंदेली और उसके क्षेत्रीय रूप
June 10, 2025
प्रो. बाबूराम सक्सैना
May 11, 2026डॉ. वी. एम. आप्टे
इनका पूरा नाम वासुदेव मोहन आप्टे है। ये महाराष्ट्र के मूल निवासी थे। ये सागर वि.वि. की स्थापना के समय 1946 में संस्कृत विभाग के अध्यक्ष बनाये गये। उस समय सागर वि.वि. के संस्थापक डॉ. हरीसिंह गौर विद्वान् शिक्षकों को चुन चुन कर ला रहे थे। ये व्यवहारकुशल थे। इनके निर्देशन में डॉ. शैलजा करंदीकर तथा डॉ. प्रभुदयाल अग्निहोत्री ने पीएच.डी. उपाधि प्राप्त की। ये 1946 से 1957 तक सागर वि.वि. में संस्कृत विभाग के प्रथम अध्यक्ष रहे। तत्पश्चात् ये वैदिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे में डायरेक्टर के पद पर रहे। ये वेद के विद्वान् थे। ये म.प्र. संस्कृत आयोग के चेयरमेन भी रहे। ये प्रसिद्ध संस्कृत-हिन्दी कोश के लेखक वामन शिवराम आप्टे के भतीजे हैं। इनकी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं जो संस्कृत विभाग, सागर वि.वि. के पुस्तकालय में उपलब्ध हैं।





